गायत्री मंत्र
गायत्री मंत्र
यह
यजुर्वेद के मन्त्र 'ॐ
भूर्भुवः स्वः' और ऋग्वेद के छन्द 3.62.10 के मेल से बना है। इस मंत्र में सवितृ देव की उपासना है इसलिए इसे सावित्री भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस मंत्र के उच्चारण और इसे समझने से ईश्वर की प्राप्ति होती है। इसे श्री गायत्री देवी के स्त्री रूप में भी पूजा जाता है। जानिए क्यों जरुरी है गायत्री मंत्र का जप आज के आधुनिक युग मे| क्या आपको भी हर समय तनाव महसूस होता है? क्या आप पर अपार दबाव है? क्या आप अपने जीवन में सुखी और समृद्ध होना चाहते हैं? हाँ आप यह चाहते हैं। लेकिन सवाल यह है कि ये चीजें आपके साथ हो रही हैं। अगर नहीं तो आप सही जगह पर हैं। आज हम आपके लिए इन सभी चीजों को प्राप्त करने के सर्वोत्तम तरीके के बारे में जानने जा रहे हैं इस तरह से आपको अपने जीवन के सभी तनाव और दबाव से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी| क्या आपको लगता है कि यह योगा है, नहीं यह तरीका योगा नहीं है यह योगा से ज्यादा शक्तिशाली तरीका है, पवित्र तरीका। ये एक ऐसा तरीका है जिसे भारत के सबसे प्राचीन और ज्ञान बढाने वाली किताबों की भी माता कहा जाता है। ये एक ऐसा तरीका है जिसे अगर हम धर्म से ऊपर उठ कर अपनाए तो इससे न केवल उस आदमी का को इसे कर रहा है बल्कि उन सबका फायदा होगा जो उस आदमी के सम्पर्क में हैं। क्या आपको उत्सुकता नहीं हो रही की वो तरीका कों सा है। तो हम आपको बता दे की वो तरीका है हज़ारों साल पुराना गायत्री माता का मंत्र जिसे हम सब गायत्री मंत्र भी कहते हैं।
लेकिन ये कोई साधारण मंत्र नहीं है दोस्तों ये गायत्री मंत्र है और ये वो हथियार है जिसके इस्तेमाल से आप जिंदगी की हर जंग जीत जाएंगे।
तो
आइए हमारे साथ और जानिए कि
क्या है गायत्री मंत्र
के फायदे और क्यों है
ये इतनी फायदेमंद और क्यों इसे
क्या है इसका रहस्य।
आज हम इन सब
चीजों के बारे में
जानेंगे।
गायत्री
मंत्र का अर्थ हिंदी
में
ॐ
= इश्वर
भूर = प्राण प्रदाण करने वाला।
भुवः = दुख़ों का नाश करने
वाला।
स्वः
= सुख़ प्रदाण करने वाला।
तत = वह
।
सवितुर = सूर्य
की भांति उज्जवल।
वरेण्यं
= सबसे उत्तम।
भर्गो
= कर्मों का उद्धार करने
वाला।
देवस्य = प्रभु।
धीमहि = ध्यान।
धियो = बुद्धि।
यो
= जो।
नः = हमारी ।
प्रचोदयात् = हमें शक्ति दें।
अर्थात्:
हे प्राण प्रदान करने वाले, समस्त दुखों का नाश करने
वाले, सुख प्रदान करने वाले सूर्य की भांती उज्वल
तेज वाले इश्वर हमें सद्मार्ग पर चलने की
बुद्धि प्रदान करें |
आखिर कहां से आया गायत्री मंत्र?
तो
सबसे पहले बात करतें है की गायत्री
मंत्र आया कहां से?
तो
इसका जवाब है की गायत्री
मंत्र ब्रम्हा
जी के पास था
जिसे उन्होंने बाद में गायत्री माता को समर्पित कर
दिया। उन्होंने अपने चारों मुखो से गायत्री मंत्र
का उच्चारण कर के कर
वेदों की रचना की।
क्योंकि चारों वेदों की रचना गायत्री
मंत्र के उच्चारण से
हुई थी इसलिए इनका
नाम वेदमाता भी पड़ गया।
ऐसा माना जाता है की गायत्री
मंत्र का ज्ञान होने
से ही मनुष्य को
चारों वेदों का ज्ञान हो
जाता है। ऋग्वेद के अनुसार गायत्री
मंत्र पहले सिर्फ देवताओं के पास था
और देवता इस पर सिर्फ
अपना अधिकार बताते थे। परन्तु महर्षि
विश्वामित्र ने कठोर तपस्या
करके इसे मनुस्यों के लिए उपलब्ध
करवाया था। बस उसी वक्त
से ये एक प्रसिद्ध
ओर फायदेमंद मंत्र साबित हुआ।
क्या है गायत्री मंत्र जाप करने के फायदे ?
गायत्री
मंत्र क जाप करने
के अनेक फायदे हैं। इतने फायदे की कोई सोच
भी नहीं सकता। वो फायदे क्या
है ये जानने के
लिए आप अवश्य ही
बात उत्सुक होंगें। तो वो फायदे
कुछ इस तरह से
हैं:-
गायत्री
मंत्र का पहला शब्द
है ॐ। ये सब
अपने में ही बहुत शक्तिशाली
और पवित्र है। हिन्दू मान्यता के अनुसार ये
एक ऐसा शब्द है जिसमे सारे
विश्व को उर्जा है।
ये शब्द भगवान शिव का शब्द है।
भगवान शिव जी त्रिदेव ( ब्रह्मा,
विष्णु, शिव) में से एक हैं
उनकी पूजा में इस्तेमाल किए जाने वाला शब्द है।
गायत्री
मंत्र क उच्चारण बच्चों
के लिए बहुत अच्छा होता है। जैसा कि सब जानते
हैं, बच्चों के लिए आज
के समय में ध्यान केंद्रित करना जीतना जरूरी हो गया है
उतना ही कठिन भी
हो गया है। बहुत सी ऐसी चीज़ें
आ गई है जिससे
बच्चों का ध्यान केंद्रित नहीं
रह पाता और जिस कारण
बच्चे पढाई में ध्यान नहीं लगा पाते। लेकिन अगर कोई बच्चा नियमित रूप से गायत्री मंत्र
क उच्चारण करता है तो उसका
मन केन्द्रित रहता है साथ मे
उसका दिमाग भी स्वच्छ व
तरोताजा रहता है। इसके अलावा इस मंत्र का
उच्चारण करने से याद करने
की और समझने की
सकती भी बढ़ती है
साथ ही दिमाग भी
तेज होता है।
जवान
लोगो पर भी ये
मंत्र उतना ही असरदार है।
इस मंत्र का जाप करने
से गुस्सा काबू में रहता है साथ ही
लोगो के दिमाग में
जो तनाव रहता है वो भी
कम होता है जिससे मनुष्य
के स्वास्थ्य पर अच्छा असर
पड़ता है।
बुजुर्गों
के लिए भी गायत्री मंत्र
के उतने ही फायदे हैं
जितना किसी अन्य के लिए। उमर
के उस पराव में
गायत्री मंत्र बुजुर्गों को शांति और
खुशहाली प्रदान करता है साथ
ही उनका मन भी अच्छा
और उनको स्वस्थ रखता है।
विज्ञान
ने भी माना गायत्री
मंत्र के फायदेमंद
इस
मंत्र को ना केवल
शास्त्र बल्कि विज्ञान ने भी फायदेमंद
बताया है। भारत की सबसे विश्वसनीय
और अच्छी स्वास्थ्य संबंधी संस्था (A I I M S) इस पर पिछले
22 सालों
से सोध कर रहा है।
सन
1998 से ही इस पर
शोध में लगा है और अब
वह काफी नयी- नयी खोजें दुनिया के सामने रखता
जा रहे है।
एक
शोध के अनुसार जब
(A I I M S) ने बहुत बड़ी लोगों की संख्या को
दो हिस्सो में विभाजित करने के बाद जब
एक हिस्से के लोगो से
गायत्री मंत्र का जाप कराया
गया और दूसरे हिस्से
को जाप नहीं कराया गया।
इस
प्रयोग के आंकड़ों को
जब दो हफ़्तों तक
दर्ज किया गया तब ये पाया
गया कि जो लोग
गायत्री मंत्र का जाप कर
रहे थे उनकी मानसिकता
उन लोगों से अच्छी पायी
गई जिन्होंने गायत्री मंत्र का जाप नहीं
किया था।
जिन
लोगों ने गायत्री मंत्र
का जाप किया उनके दिमाग में तरेंगें एकदम सीधी चल रही थी,
लेकिन जिन लोगो ने गायत्री मंत्र
का जाप नहीं किया था उनके दिमाग
में ये तरंगें बहुत
बिखरी हुई थीं। जिस से ये पता
चला कि जो लोग
गायत्री मंत्र का जाप कर
रहे थे उन लोगों
की मन को केंद्रित
करने की सकती दूसरे
लोगों से ज्यादा थी।
A I I M S के
डॉक्टरों के अनुसार गायत्री
मंत्र का जाप करने
से दिमाग के एक हिस्से
जिसे प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स कहा जाता है उसका वीकास
होता है। दिमाग के इस हिस्से
का काम होता है योजना बनाना,
जागरूक रहना
और परेशानियों का समाधान करना।
मतलब ये बात यहां
जाहिर हो गई की
गायत्री मंत्र का है दिन
जाप करने से इंसान की
योजना बनाने और दिक्कतों का
सामना करने में किस तरह से सहायक है।
इसके अलावा इस मंत्र के
जाप करने वालो में खुशी बढ़ाने वाले रसायन बढ़ाता है। ऐसा ही एक रसायन
है गाबा जिसके कम होने पर
नींद आना बन्द या कम हो
जाता है और आदमी
डिप्रेसेन का शिकार होने
लगता है। लेकिन ये पाया गया
की को लोग गायत्री
मंत्र का जाप कर
रहे थे उनमें गाबा
का निर्माण बढ़ गया। इसके अलावा अन्य मानसिक रसायन भी तेज़ी से
बनने लगे। इतना ही नहीं बल्कि
जर्मनी के प्रसिद्ध हैम्बर्ग
विश्वविद्यालय में भी गायत्री मंत्र
पर शोध चल रही है।
इसके
अलावा अमेरिका के एक जाने
मैने वैज्ञानिक होवार्ड स्टेंगेरिल ने पूरे संसार
से जब मन्त्रों को
इकठठा किया और फिजियोलॉजी विभाग
में सबका विशलेषण किया तो उन्होंने गायत्री
मंत्र को सबसे शक्तिशाली
मंत्र बताया। Dr Howard Steingeril ने दुनिया के
सारे मंत्र और भजन को इकट्ठा किया और उन पर रिसर्च की तो उन्होंने गायत्री मंत्र के
बारे में बताया कि इसके उच्चारण से 110000 ध्वनि तरंगे प्रति सेकंड उत्पन्न होती हैं
जो कि सबसे अधिक है इसका मतलब दुनिया का सबसे प्रभावशाली को शक्तिशाली मंत्र गायत्री
मंत्र है | Hamburg University ने यह बताया है कि गायत्री मंत्र शारीरिक और मानसिक
तौर पर व्यक्ति के जीवन में बहुत बदलाव कर सकता है| इसी वजह से गायत्री मंत्र हर दिन
शाम को 7 बजे 15 मिनट के लिए Paramaribo रेडियो स्टेशन जो South America में है और
Amsterdem बजाया जाता है | यह सारे शोध
और खोजों से ये पता
चलता है की गायत्री
मंत्र कितना लाभकारी है इस बात
पर विज्ञान को भी कोई
संदेह नहीं है। तो जिनका ऐसा
मानना है की ये
शास्त्र आदि झूठी बातें है उन्हे तो
यें बातें ध्यान से पढ़नी चाहिए।

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